BAREILLY COLLEGE, BAREILLY

 

WISDOM :: JUSTICE :: COURAGE :: MORALE :: HUMANITY :: SERVICE :: DUTY :: COOPERATION :: SUCCESS ::
56th All India English Teachers' Conference

 
NOTICE BOARD

MANDATORY DISCLOSURES

FACULTY LINKS

 

The 56th ALL INDIA ENGLISH TEACHERS' CONFERENCE is going to be a red-letter day in the history of BAREILLY COLLEGE BAREILLY. The event will witness the presence of the literary persona of a galaxy of litterateurs coming from the diverse parts of this country. It is surely going to lead to a quantum leap forward in the realm of EMERGING TRENDS in CONTEMPORARY LITERATURE in ENGLISH. The Management, Principal, Staff, Students & the English Department have burnt the midnight oil to take this event to a successful finish. Receiving guests, their bed and table care, inauguration, plenary sessions, cultural eve and overall management-for all these the Department has plugged itself into unrelenting effort. Bareilly College Bareilly has, of late, become an oft-quoted name in the gallery of intellectuals everywhere. Having a long and glorious history of 175 years to its credit, it has contributed a constellation of great scholars and litterateurs to this great country. With Shri Dev Murti, as the Secretary of the Managing Committee and Dr.R. P. Singh holding the reins of the college, its alumni have won laurels both inside and outside the country. The whole organising team, with its deep devotion and formidable effort, makes a humble prayer before THE ALMIGHTY to shower His benign blessings to make the event a success. MAY GOD BLESS US ALL...

* Download Conference Brochure & Registration Form

* Accepted Abstract List

* Accommodation Details (New!)

*Conference in the News! (19/12/2011) (Courtesy From News Paper Amar Ujala)

*Conference in the News! (20/12/2011) (Courtesy From News Paper Amar Ujala)

Amar Ujala (19/12/2011) (Courtesy From News Paper Amar Ujala)

विविधता हमारे साहित्य की खासिय
ऑल इंडिया टीचर्स एसोसिएशन की 56वीं कॉन्फ्रेंस में बोले येल यूनिवर्सिटी के फेलो प्रो. एस रामास्वामी
बरेली। हम साहित्य के सबसे बेहतरीन दौर में हैं। विविधता हमारे साहित्य की विशेषता है और समृद्धता भी। उत्तर से लेकर सुदूर दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक सैकड़ों भाषाएं, लाखों बोलियां और परंपराओं का असर साहित्य पर आज साफ दिखता है। येल विश्वविद्यालय अमेरिका के फेलो प्रो. एस रामास्वामी ने यह बात बरेली कॉलेज की ओर से आयोजित ऑल इंडिया इंग्लिश टीचर्स एसोसिएशन की 56वीं कॉन्फ्रेंस में कही। वह ‘इमर्जिंग ट्रेंड्स इन लिटरेचर इन इंग्लिश एंड लिटरेरी थ्योरीज’ विषय पर आयोजित इस कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन सत्र में अध्यक्षीय वक्तव्य दे रहे थे।
प्रो. रामास्वामी ने कहा कि हमारे साहित्य का उत्तर उपनिवेशवाद और उत्तर आधुनिकतावाद दूसरे देशों से भिन्न हैं। हमारा अतीत ताजगी के साथ वर्तमान से जुड़ा हुआ है और वर्तमान बेहतर भविष्य की ओर से इशारा कर रहा है। हम जुड़ाव के ऐतिहासिक क्षण में हैं। अंग्रेजी भाषा के माध्यम से भारतीयों ने खुद को व्यापक रूप से दुनिया में स्थापित किया है।
उद्घाटन सत्र के मुख्य वक्ता जामिया मिलिया के प्रो. अनीसुर्रहमान ने कहा कि 21वीं सदी परिवर्तनशील सदी है। दुनिया की राजनीति, अर्थशास्त्र, सामाजिक परिस्थितियां और तकनीक में तेजी से बदलाव परिलक्षित हो रहा है। इन परिवर्तनों का असर अंग्रेजी साहित्य पर भी पड़ा है और भारतीय समाज की विविधता का असर भी। भारतीय अंग्रेजी साहित्य अब उत्तर उपनिवेशवाद के दौर से उबर चुका है। कुलपति प्रो. सत्यपाल गौतम ने कहा कि कॉन्फ्रेंस में तीनों दिन विद्यार्थियों, रिसर्च स्कॉलर्स के लिए एक अलग सत्र रखा जाना चाहिए। इसके साथ एक ऐसा फोरम बने, जिसमें शिक्षक तमाम विषयों पर विचार-विमर्श कर सकें ताकि कॉन्फ्रेंस की उपयोगिता बनी रहे। इस मौके पर कॉन्फ्रेंस की स्मारिका और जर्नल ऑफ एसोसिएशन ऑफ इंग्लिश टीचर्स का विमोचन हुआ। बरेली कॉलेज मैनेजमेंट कमेटी के सचिव देवमूर्ति ने अतिथियों का स्वागत किया। आयोजन समिति की सचिव डॉ. पूर्णिमा अनिल ने आभार जताया। डॉ. राजन शर्मा ने संचालन किया। इस दौरान प्रिंसिपल डॉ. आरपी सिंह, डीन डॉ. डीके गुप्ता, डॉ. दीपक आनंद, डॉ. चारु मेहरोत्रा, डॉ. वीपी सिंह मौजूद रहे।
दूर हो सकती है उच्चारण की कमियां
बीएचयू के भाषा विज्ञानी डॉ. अभिनव कुमार मिश्र ने कहा कि उच्चारण की कमियों को दूर किया जा सकता है। दरअसल, अंग्रेजी के कम्युनिकेशन में उच्चारण सबसे अहम होता है, लेकिन इसमें स्थानीय बोली का पुट आ जाता है। इसकी वजह से उनके बोलने में काफी दिक्कतें आती हैं। डॉ. मिश्रा ने इसे दूर करने के दो तरीके बताए। उन्होंने बताया, पहला, फोनोलॉजी यानी साउंड सिस्टम को समझना, फिर उसे अमेरिकन या ब्रिटिश फोनोलॉजी से तुलना उसके अंतर को समझने की जरूरत है। दूसरा, फोनोलॉजिकल कंडीशनिंग करने की जरूरत है। इससे बोलने की कमियों को दूर किया जा सकेगा।
लेखन में महिला बनी मुख्य कैरेक्टर
मिथिला यूनिवर्सिटी दरभंगा से आईं डॉ. महजबी निसात अंजुम ने कहा कि भारतीय अंग्रेजी साहित्य में तमाम नई प्रवृत्तियां उभरकर आई हैं। 80 के दशक के बाद महिलाओं ने अंग्रेजी लेखन में उपस्थिति मजबूती से दर्ज कराई है। अब महिला लेखकों ने महिलाओं की समस्या को ध्यान में रखकर लिखना शुरू कर दिया है।
मिथिला यूनिवर्सिटी दरभंगा से आईं डॉ. मंजू राय ने कहा कि पहले अंग्रेजी साहित्य लेखन में पुरुष ही मुख्य चरित्र था। लेकिन उदारीकरण के बाद महिलाओं में जिन विषयों पर टैबू था, उस पर खुलकर लिख रही हैं। अंग्रेजी महिला लेखन में अब महिला को ही मुख्य चरित्र के रूप में रखकर लिखा जा रहा है।
-----------------
स्थानीय साहित्य का प्रभाव अंग्रेजी लेखन में
नागपुर यूनिवर्सिटी के प्रो. पद्माकर पांडे ने कहा कि अब स्थानीय बोलियों और लोक का प्रभाव अंग्रेजी साहित्य में दिखने लगा है। स्थानीय कहावतों और मुहावरों को लेखक वैसे का वैसे लिख रहे हैं, जिससे उसे लोगों को समझने में मदद मिल सके। उन्होंने कहा कि भारतीय अंग्रेजी साहित्य अभी अपने देश की विशाल सांस्कृतिक विविधता और औपनिवेशिकता से छुटकारा पाने की कोशिश में लगा हुआ है। अभी तक स्थानीयता ट्रांसलेट होकर ही अंग्रेजी साहित्य में शामिल होती रही है। इसमें उसकी आत्मा नहीं होती। वैसे अब भोजपुरी, अवधी, मैथिली और उर्दू को अंग्रेजी साहित्य में जगह मिलनी शुरू हो गई है।
यात्राओं के अनुभव ‘अलमेरी’ में समेटे
बंगलुरु यूनिवर्सिटी में अंग्रेजी के विभागाध्यक्ष रहे और अब येल यूनिवर्सिटी के आजीवन फेलो प्रो. एस रामास्वामी ने बातचीत शुरू करने से पहले अपनी उम्र बताई। वह इस समय 79 वर्ष के हैं और अब तक कई किताबें लिख चुके हैं, इसमें ज्यादातर उनके यात्रावृत्त हैं। उन्हें दुनिया की सैर करना पसंद है और इंग्लैंड, फ्रांस, इटली, जर्मनी और अमेरिका ‘अलमेरी’ लिख चुके हैं। उन्होंने कन्नड़ शब्द अलमेरी का अर्थ घुमक्कड़ बताया। इसमें उन्होंने व्यक्तिगत अनुभवों को कलमबद्ध किया है। उन्होंने कहा कि ड्रामा अभिव्यक्ति का सबसे अच्छा माध्यम है, लेकिन अफसोस है कि अब अंग्रेजी में ड्रामा कम ही लिखे जा रहे हैं।

(Courtesy From News Paper Amar Ujala)

Dainik Jagran (20/12/2011) (Courtesy From News Paper Dainik Jagran)

वैश्वीकरण में छूट गई पारंपरिक विषय वस्तु
बरेली, जागरण संवाददाता: समकालीन भारतीय साहित्य में लेखकों के सरोकार बदले हैं। वैश्र्वीकरण के इस युग में सूचना-तकनीकि का विकास हुआ और लेखक पारंपरिक विषय वस्तु को त्याग चुके हैं। नारी स्वातंत्रय में क्रिटिसिजन, होमो सैक्सुअलिटी जैसे विषयों पर बेबाक चिंतन और अभिव्यक्ति प्रदान की जा रही है। उक्त विचार मणिपुर यूनिवर्सिटी के प्रो.ओ ब्रायन ने व्यक्त किए। बरेली कालेज के सभागार में आयोजित आल इंडिया इंग्लिश कांफ्रेंस के दूसरे दिन उन्होंने समकालीन साहित्य में उभरते सरोकारों की चर्चा की। प्लेनरी सेशन की दूसरी वक्ता जर्मन मूल की रोस्विता जोशी ने हाल ही में प्रकाशित अपने उपन्यास इंडियन डीम्स की विस्तृत विवेचना की। उन्होंने उपन्यास के मूल पाठ और विषय वस्तु के बारे में बताया। तीसरे सत्र के मुख्य वक्ता बनारस यूनिवर्सिटी के प्रो.आरएस शर्मा ने कहा कि साहित्य के क्षेत्र में लेखकों का दायरा लगातार बढ़ा है। उन्हें वैचारिक स्वतंत्रता का आभास हुआ है। यही वजह है कि नित नए क्षेत्रों और नए विषय वस्तु की खोज की जा रही है। प्लेनरी सेशन के बाद लैंग्वेज वर्कशाप का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता गुंटूर के डा.बी नागसुशीला और डा.गोपीचंद ने आडियो, वीडियो विजुअल्स के जरिए उच्चारण और भाषायी तकनीकों के बारे में बताया। अंग्रेजी भाषा शिक्षण को और अधिक प्रभावी बनाए जाने को लेकर भी कई सुझाव दिए। वर्कशाप के जरिए अंग्रेजी के सरल स्वरूप और उसकी उपयोगिता के बारे में बताया। लैंग्वेज वर्कशाप के बाद छह तकनीकि सत्रों का आयोजन किया गया, जिसकी मुख्य संचालिका डा.चारू मेहरोत्रा रहीं। इस दौरान तमाम शोधार्थियों ने अपने शोध पत्र पढ़े। शाम को क्रिएटिव सेशन शुरू हुआ। जिसमें हैदराबाद के डा.टीएस माली, बिहार की डा.इन्दिरा झा, डा.केएन शर्मा विशेषज्ञ रहे। डा.नाग सुशीला, डा.एस गोपी चंद, डा.रोस्विता जोशी, नवीन कुमार आदि ने काव्य पाठ किया।

 

EMAIL ID:bareillycollege@gmail.com;bareillycollege@yahoo.co.inPHONE:+91 581 2567805; +91 581 2568844; +91  581 2567808 (Fax)
              Address:P.O.ShahamatGanj,Bareilly U.P.INDIA PIN:243005; Geographical Data Location:28.35°N 79.42°E Elevation:166 metres(544 feet)
              (c)Bareilly  College, Bareilly. All Rights Reserved. Powered By: Bareilly College,  Bareilly